ताज़ा कट
शौच के समय तेज़ दर्द और कागज़ पर चमकीला लाल खून। कई बिना ऑपरेशन ठीक हो जाते हैं।
इलाज: मल नरम करने की दवा, फ़ाइबर, मांसपेशी ढीली करने वाला मलहम, गुनगुने पानी में बैठना
शौच के समय दर्द, जलन और खून से छुटकारा पाएँ। डॉक्टर्स डिवाइन हॉस्पिटल में Dr. Ranvijay Bharti पुराने फिशर का इलाज लेज़र स्फ़िंक्टरोटॉमी से करते हैं।

फिशर को अक्सर बवासीर समझ लिया जाता है। छोटी-सी जाँच से फ़र्क पता चल जाता है, इसलिए जल्दी डॉक्टर को दिखाएँ।
आज ही डॉक्टर से मिलेंप्रकार से तय होता है कि दवा और खान-पान काफ़ी है या लेज़र इलाज चाहिए।
शौच के समय तेज़ दर्द और कागज़ पर चमकीला लाल खून। कई बिना ऑपरेशन ठीक हो जाते हैं।
इलाज: मल नरम करने की दवा, फ़ाइबर, मांसपेशी ढीली करने वाला मलहम, गुनगुने पानी में बैठना
गहरा घाव, मस्सा, और मांसपेशी की ऐंठन जो कट तक खून नहीं पहुँचने देती।
इलाज: लेज़र स्फ़िंक्टरोटॉमी, जिससे ऐंठन खुलती है और कट भर पाता है
सटीक लेज़र दर्द से राहत देता है और शौच पर नियंत्रण सुरक्षित रखता है।
फिशर गुदा की पतली परत में छोटा, दर्दनाक कट होता है। यह अक्सर सख़्त या बड़े मल, लंबे दस्त या ज़ोर लगाने से होता है।
गुदा की परत में बहुत सारी नसें होती हैं। शौच के समय कट खिंचता है और अंदर की मांसपेशी में ऐंठन होती है, जिससे घंटों तक जलन भरा दर्द रहता है।
नया फिशर 6 हफ़्ते से कम पुराना ताज़ा कट होता है, जो अक्सर दवा और खान-पान से भर जाता है। पुराना फिशर 6 हफ़्ते से ज़्यादा रहता है, उसके किनारे उभर आते हैं, मस्सा बनता है और ऐंठन रहती है; इसमें आमतौर पर प्रक्रिया की ज़रूरत होती है।
लेज़र स्फ़िंक्टरोटॉमी नियंत्रित डायोड लेज़र से मांसपेशी की ज़्यादा ऐंठन को खोलती है। इससे दर्द कम होता है और कट तक खून पहुँचता है, ताकि वह भर सके।
ज़्यादातर मरीज़ों को अगली बार शौच में ही बहुत कम दर्द महसूस होता है, क्योंकि प्रक्रिया के दौरान ऐंठन खुल जाती है।
हाँ। बवासीर में ज़्यादातर बिना दर्द के खून या सूजन होती है, जबकि फिशर में शौच के समय और बाद में तेज़ जलन भरा दर्द और खून की लकीर होती है। Dr. Ranvijay Bharti की जाँच से पक्का पता चलता है।
हर सुबह शौच का दर्द न सहें। डॉक्टर्स डिवाइन, नवादा में Dr. Ranvijay Bharti से अपॉइंटमेंट बुक करें।